मैक्स मिलियन एमिल वेबर: मीमांसात्मक अनुपूरकता और प्रासंगिकता

  • मनोज छापड़िया एसो.प्रोफे.: समाजशास्त्र विभाग का.सु. साकेत पी.जी. कॉलेज, अयोध्या
Keywords: मैक्स मिलियन एमिल वेबरए ऐतिहासिकए पद्धतिशास्त्रीयए अनुपूरकताए निर्वचनात्मक अवबोध

Abstract

मैक्स मिलियन एमिल वेबर प्रमुख शास्त्रीय समाजशास्त्रियों में से एक थे जो, आधुनिक सामाजिक विचारों के इतिहास में संस्थापक पिता के रूप में ही नहीं, अपितू समाजशास्त्र को पद्धतिशास्त्रीय दृष्टि से समृद्व करने के साथ ही साथ, उत्तर आधुनिकता का बीजारोपण करने की दृष्टि से भी श्रद्धास्पद है। वास्तव में वेबर के दृष्टिकोण और विमर्श को मार्क्स के वैज्ञानिक सिद्धांतों के खंडन के रूप में नहीं बल्कि इस विधि के अनुपूरक के रूप में देखा जाना चाहिए। प्रस्तुत शोध पत्र में मैक्स वेबर के संदर्भ में समाजशास्त्र और इतिहास के विमर्श और विश्लेषण में इस तथ्य पर बल दिया जाएगा कि इतिहास की अपनी-अपनी अवधारणा में वेबर और मार्क्स अविरुद्ध और अनुपूरक हैं। इन दो विचारकों के बीच स्पष्ट राजनीतिक और विचारधारात्मक अंतरों के बावजूद यह बात सही है।

Downloads

Download data is not yet available.
Published
2023-09-06
How to Cite
छापड़ियाम. (2023). मैक्स मिलियन एमिल वेबर: मीमांसात्मक अनुपूरकता और प्रासंगिकता. Humanities and Development, 16(1-2), 81-90. https://doi.org/10.61410/had.v16i1-2.17