महिलाओं की प्रस्थिति एवं भूमिका परिवर्तन में संचार-साधनों की भूमिका’’

  • डाॅ0 पवन कुमार वर्मा असि0प्रोफे0-समाजशास्त्र, आचार्य नरेन्द्र देव किसान पी0जी0 कालेज, बभनान-गोण्डा
Keywords: समावेशी विकास, कुरीतियाँ, गृह साम्राज्ञी, अद्धागिनी, बहुलतावादी, अत्याचार, उत्पीड़न, संचार-साधन, दयनीय प्रस्थिति, जीवन शैली।

Abstract

महिलाऐं चाहे ग्रामीण हों अथवा नगरीय उनके जीवन में परिवर्तन का एक बड़ा माध्यम संचार-साधनों का रहा है। संचार व्यवस्था ने पूरी दुनिया को आज एक गाँव में दायरे में समेट दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में निवपास करने वाली महिलाऐं अब शिक्षित होकर जागरूक भी हो रही है। संचार-साधनों की पहुँच अब गावों में भी पूरी तरह से हो चुकी है। संचार-क्रान्ति ने जहाँ संदेश, सूचना एवं विचार पूरी दुनिया के साथ साझा करने का जो प्रयास किया है उसकी गति अब वैश्विक स्तर की है, संचार-साधनों ने महिलाओं को भी सशक्त करने का प्रयास किया है। महिलाओं कीे प्रस्थिति और भूमिका में जो परिवर्तन दिखाई पड़ता है, नीति निर्माण प्रक्रिया एवं समावेशी विकास में भी अब महिलाओं को भूमिका की दिशा तय करने में संचार-साधनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संचार-साधन आज प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, महिलाओं की मनोवृत्ति एवं व्यवहार में संचार-साधनों की महत्वपूर्ण भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है।

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Published
2024-11-22
How to Cite
वर्माड. प. क. (2024). महिलाओं की प्रस्थिति एवं भूमिका परिवर्तन में संचार-साधनों की भूमिका’’. Humanities and Development, 19(03), 16-19. https://doi.org/10.61410/had.v19i3.198