भारत एवं भारतीयता

  • सुषमा पाठक आचार्य एवं अध्यक्ष, समाजशास्त्र, राजा मोहन गल्र्स पी.जी.कालेज, अयोध्या
Keywords: जम्बूद्वीप, आर्यावर्त, तेनजीकू, भारतखण्ड, भारतवर्ष

Abstract

हमारे दे‛ा भारत के सम्बोधन हेतु अनेक संज्ञाओं का उपयोग किया गया यथा-जम्बूद्वीप, आर्यावर्त, अजनाभ वर्ष, भारत खण्ड, भारत-वर्ष इलाव्रत, इण्डिया एवं तेनजीक। उपर्युक्त सर्वाधिक चिर्चित और अद्यतन उपयोग में संज्ञों भारत है, जिसे आंग्ल भाषा में इण्डिया कहा जाता है। आदि ॉाासक मन अपनी प्रजा का भरण-पोषण करने के कारण ‘भरत’ संज्ञा से लोक प्रचलित हुये, मनु की पाँचवी पीढ़ी में स्वयं भू मनु के उपरान्त क्रम‛ाः प्रियव्रत अग्नीध्र, नाभि और ऋषभ। ऋषभ के दो पुत्र भरत और बाहुबली हुये। बाहुबली के वैराग्य ग्रहण करने पर भरत को चक्रवर्ती सम्राट का दायित्व मिला। रामचन्द्र जी के अनुज का भी नाम ‘भरत’ था। इसी प्रकार पुरुवं‛ा के ॉाासक दुष्यंत और ॉाकुन्तला के पुत्र का भी नाम ‘भरत’ था। इस प्रकार उपर्युक्त चार ‘भरत’ संज्ञाये ‘भारत’ नामकरण व‛ा आधार रूप में चर्चित है। इलाव्रत या इलावृन्त संज्ञा भी प्रियव्रत के वं‛ाजों में प्राप्त होती। असंदिग्ध रूप से भारत संज्ञा का घनिष्ठ सम्बन्ध ‘भरत’ संज्ञा से है, जो पराक्रमी, प्रजावत्सल और नीर-क्षीर विवेकी अपनी प्रजा का पोषणकत्र्ता रहा होगा।

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Published
2024-12-30
How to Cite
पाठकस. (2024). भारत एवं भारतीयता. Humanities and Development, 19(04), 20 -. Retrieved from https://humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/234