‘उच्च ‛िाक्षित अल्पसंख्यक महिलाओं के प्रति हिंसा की प्रकृति एवं स्वरूप
Keywords:
हिंसा, दुव्र्यवहार, वैचारिक मतभेद, मनोविकृत, अपराध, यौन-हिंसा, दहेज-दानव, ॉाोषण
Abstract
दुनिया के समाजों में महिलाओं के प्रति पुरुषों की सोंच में बड़ा परिवर्तन नहीं दिखाई पड़ता है, महिलाओं की प्रस्थिति समाज में हमे‛ाा कमजोर रही हैं, जब-जब महिलाएंे इस लक्ष्मण रेखा को लाँघने का प्रयास करती हैं तो उन्हें पुरुष समाज अपने प्रयास से कमजोर बना देता है, वैसे भी भारतीय परिवारों में पति-पत्नी के सम्बन्धों में परम्परागत दृष्टिकोण अभी भी इतना ॉाक्ति‛ााली है कि हम उसमें वि‛ोष परिवर्तन की बात सोंच भी नहीं सकते हैं। हमारा परिवार आज भी मूलतः पति-प्रभुत्व परिवार है, पति की प्रस्थिति पत्नी से श्रेष्ठ रही है। श्रेष्ठता के आधार पर आज परिवर्तन अव‛य आया है।1 स्त्री और पुरुष अलग-अलग क्षेत्रों में इस श्रेष्ठता को सिद्ध करने का प्रयास भी कर रहे हैं इसीलिए महिलाओं के प्रति हिंसा की प्रवृत्ति परिवार और समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
Downloads
Download data is not yet available.
Published
2025-05-23
How to Cite
सिंहग. ब., & सिंहद. क. (2025). ‘उच्च ‛िाक्षित अल्पसंख्यक महिलाओं के प्रति हिंसा की प्रकृति एवं स्वरूप. Humanities and Development, 20(01), 37-40. https://doi.org/10.61410/had.v20i1.227
Section
Articles
