समकालीन यात्रा-वृत्तान्तों में वर्णित मिथक-कथाएं

  • परेश कुमार पाण्डेय शोध निर्देशक -आचार्य हिन्दी-विभाग, का०सु० साकेत स्ना० महाविद्यालय, अयोध्या।
  • मनीषा मिश्रा शोध- छात्रा - हिन्दी-विभाग, ड० रा०म० लो० अवध वि० वि० अयोध्या।
Keywords: माइथाॅस, अनुश्रुत, आख्यान, सम्प्रेषण, लोमानस, त्रिविक्रम, उच्छृंखल, सौतिया-डाह, माॅनेस्ट्री, कुहेलिका, निःसृत।

Abstract

मिथक ॉाब्द अंग्रेजी के मिथ तथा ग्रीक भाषा के माइथाॅस से निकलकर हिन्दी में आया है जिसका अर्थ होता है अनुश्रुत या काल्पनिक कथा। यह कथाएं मूल रूप से पारंपरिक होती हैं और धार्मिक वि‛वासों से जुड़ी होती हैं। इसमें असाधारण या अलौकिक घटनाओं अथवा देवी देवताओं के वि‛िाष्ट विवरण मिलते हैं। मिथक कथाओं की प्रमाणिकता या वि‛वासनीय बनाने का कोई यत्न नहीं किा जाता अपितु ये स्वयं ही अपने का आधिकारिक व तथ्यात्मक विवरण के रूप में प्रस्तुत करती हैं। समकालीन यात्रा वृतांतकारों के यात्रा वृतांतों में पर्याप्त मात्रा में मिथ कथाओं का उल्लेख मिलता है।

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Published
2025-05-23
How to Cite
पाण्डेयप. क., & मिश्राम. (2025). समकालीन यात्रा-वृत्तान्तों में वर्णित मिथक-कथाएं. Humanities and Development, 20(01), 33-36. https://doi.org/10.61410/had.v20i1.226