अनुसूचित जाति की महिलाओं का स‛ाक्तिकरण: एक सार्थक प्रयास
Keywords:
रुढ़ियों, विविधता, सामाजिक असमानता, स‛ाक्तिकरण
Abstract
भारत विभिन्न संस्कृतियों एवं विविधता धारण करने वाला ऐसा दे‛ा रहा है जहां अनेकानेक जातियों, धर्मों एवं समुदायों का अस्तित्व सुरक्षित माना जाता है, किन्तु इतिहास साक्षी रहा है जहाँ इसी दे‛ा में अनुसूचित जाति की महिलाऐं भेदभाव का ‛िाकार भी रही हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं को स्वतंत्रता प‛चात् से लेकर सामाजिक असमानता, ‛िाक्षा की कमी, आर्थिक असमानता, स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ पारिवारिक एवं सामाजिक हिंसा का भी सामना करना पड़ा है। इस प्रकार की चुनौतियों एवं बाधाओं को पार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु सरकार द्वारा उनके स‛ाक्तिकरण का प्रयास रूढ़ियों, परम्पराओं, गरीबी, अ‛िाक्षा तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त कर अव‛य किया जाना चाहिए।
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Published
2025-05-23
How to Cite
सिंहक. स. (2025). अनुसूचित जाति की महिलाओं का स‛ाक्तिकरण: एक सार्थक प्रयास. Humanities and Development, 20(01), 30-32. https://doi.org/10.61410/had.v20i1.225
Section
Articles
