मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था का स्वरूप

  • अवध नारायण सह-आचार्य इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, डाॅ0 राम मनोहर लोहिया अवध वि‛वविद्यालय अयोध्या।
Keywords: व्यवसाय, सोना, जहाज, अर्थ‛ाास्त्र, साहूकार

Abstract

मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित थी। आंतरिक एवं विदे‛ाी व्यापार व्यापक पैमाने पर प्रचलित था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के बीच वस्तुओं का आदान प्रदान होता था। मौर्य ॉाासकों ने मुद्रा प्रणाली को विकसित किया था, जिसमें पण एवं अन्य सिक्कों का उपयोग किया जाता था। इस काल में कर प्रणाली को विकसित किया गया था जिसमें भूमिकर, व्यापाकर और अन्य कर ॉाामिल थे। मौर्य युग में चावल, गेहूँ, कपास, जौ इत्यादि का उत्पादन होता था। उद्योग में कपड़ा, धातु एवं ‛िाल्प उद्योग का विकास किया गया था। व्यापारिक मार्गों के लिए सड़कों एवं नदियों का उपयोग किया जाता था।

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Published
2025-05-23
How to Cite
नारायणअ. (2025). मौर्यकालीन अर्थव्यवस्था का स्वरूप. Humanities and Development, 20(01), 52-55. https://doi.org/10.61410/had.v20i1.229