संस्कृत साहित्य (वाल्मीकि रामायण) में राम कथा का मूल्यांकन

  • ऋचा पाठक असिस्टेंट प्रोफसर, प्राचीन इतिहास विभाग, का0सु0साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय अयोध्या।
Keywords: रामकथा, वाल्मीकि रामायण, रामचरित्र, बालकाण्ड

Abstract

भारतीय वांङमय में श्री वाल्मीकीय रामायण आदि काव्य के रूप में प्रतिष्ठित है। इस महामहनीय आदि काव्य ने भारतीय वांङमय को ही नहीं अपितु सारे संसार के वांङमय को प्रभावित किया है। भारत के विविध रामायण एवं अधिकां‛ा काव्य, नाटक, चम्पू, आख्यान, आख्यायिका आदि का उपजीव्य यह रामायण है। महर्षि वाल्मीकि जी ने अपौरुषेय वेदों, उपनिषदों तथा देवर्षि नारद जी के उपदे‛ाों से श्री राम की कथावस्तु जानकर एवं समाधिजनित ऋतम्भरा प्रज्ञा से रामायण के सम्पूर्ण चरित्रों का प्रत्यक्ष साक्षात्कार कर रामायण की रचना की। वे राम के समकालीन महर्षि थे, अतः इसमें वर्णित कथावस्तु सत्य घटना के अन्तर्गत है। इसीलिए रामायण की अद्वितीय लोकप्रियता निरंतर अक्षुण्ण ही नहीं वरन ॉाताब्दियों तक बढ़ती रहीं, क्योंकि मानव हृदय को आकर्षित करने की अद्वितीय ॉाक्ति जो रामकथा में विद्यमान है वह अन्यत्र दुर्लभ है। भारतीय मनीषियों की दृष्टि में राम और कृष्ण की कथाएं केवल वाग्विलास या कंठ‛ाोषण मात्र नहीं है, वे अनुपम ॉाांति, भक्ति तथा मुक्ति देने वाली हैं। इसी कारण उनकी लोकप्रियता है।

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Published
2025-05-23
How to Cite
पाठकऋ. (2025). संस्कृत साहित्य (वाल्मीकि रामायण) में राम कथा का मूल्यांकन. Humanities and Development, 20(01), 56-60. https://doi.org/10.61410/had.v20i1.230