प्राथसभक स्तय के ववद्मागथममों ऩय ऑनराइन कऺा से भानससक औय स्वास््म ऩय प्रबाव का सभाजशास्रीम अध्ममन

  • अशोक कुभाय अससस्टेंट प्रोपेसय, सभाजशास्र ववबाग, सी. जी. एन.( ऩीजी) कॉरेज, गोरा खीभऩुय खीयी
Keywords: सभाजीकयण, द्धऩमय टू द्धऩमय, अन्त्किमा, साभाजजक भेरजोर, अवसाद, तनाव, व्मवहाय ऩरयवतणन, डडजजटर असभानता, बावनात्भक सॊवेग।

Abstract

प्रस्तुत िोध ऩि कोद्धवड-19 के फाद प्राथशभक स्तय के फच्चों ऩय ऑनराइन शिऺा के सभाजिास्िीम औय स्वास्थ्म सॊफॊधी प्रबावों का द्धवश्रेषण कयता है। अध्ममन दिाणता है कक तकनीकी फाधाओॊ औय 'स्िीन टाइभ' भें वृद्धि से फच्चों भें एकाग्रता की कभी, धचडधचडाऩन औय डडजजटर आई स्ट्रेन जैसी सभस्माएॉ फढी हैं। साथ ही, प्रत्मऺ साभाजजक भेरजोर के अबाव ने फच्चों के साभाजजक कौिर को प्रबाद्धवत ककमा है। मह िोध सॊतुशरत डडजजटर ऩाठ्मिभ औय फच्चों के सवांगीण द्धवकास के शरए िायीरयक व साभाजजक गततद्धवधधमों को अतनवामण फनाने ऩय फर देता है।

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Published
2026-06-25
How to Cite
कुभायअ. (2026). प्राथसभक स्तय के ववद्मागथममों ऩय ऑनराइन कऺा से भानससक औय स्वास््म ऩय प्रबाव का सभाजशास्रीम अध्ममन. Humanities and Development, 21(02), 293-300. Retrieved from https://humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/387