आचार्य चाणक्य का शैक्षिक योगदान

  • आदित्य नारायण त्रिपाठी विभागाध्यक्ष शिक्षाशास्त्र, संत तुलसीदास पी.जी. काॅलेज, कादीपुर, सुल्तानपुर
  • सुधा सिंह सहायक आचार्य, संत तुलसीदास पी.जी. काॅलेज, कादीपुर, सुल्तानपुर
Keywords: नैतिक जीवन, सृजन, अन्वीक्षिकी, सदाचार, सत्यनिष्ठा, किंशुक फूल, कत्र्तव्य परायणता, सुशासन, प्रबन्धन, प्रासंगिकता, अनुशासन।

Abstract

भारतीय शिक्षा, राजनीति और समाज-दर्शन के इतिहास में आचार्य चाणक्य का नाम अत्यन्त सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। आचार्य चाणक्य को कौटिल्य तथा विष्णुगुप्त के नाम से शायद कम ख्याति मिली है किन्तु वर्तमान राजनैतिक सन्दर्भ में चाणक्य नाम की महिमा में अपार सम्भावनाएँ परिलक्षित होती हैं। भारत के इतिहास में आचार्य चाणक्य महान शिक्षक, दार्शनिक, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ तथा कूटनीतिज्ञ के रूप में एक बड़ी पहचान स्थापित की है। चाणक्य मौर्य वंश की स्थापना के साथ-साथ भारतीय शिक्षा, प्रशासन, राजनीति तथा नैतिक जीवन की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आचार्य चाणक्य के जीवन से एक महत्वपूर्ण प्रेरणा प्रसारित होती है कि ‘‘एक शिक्षक मात्र ज्ञान का ही प्रसार नहीं करता है, बल्कि वह समाज और उत्तम राष्ट्र के निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है।

Downloads

Download data is not yet available.
Published
2026-06-25
How to Cite
त्रिपाठीआ. न., & सिंहस. (2026). आचार्य चाणक्य का शैक्षिक योगदान. Humanities and Development, 21(02), 307-310. Retrieved from https://humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/388