आजाद भारत मे ं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रताः उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
Abstract
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की बुनियादी शर्त मानी जाती है। भारत
जैसे बहुभाषी, बहुधार्मिक और सांस्श्तिक विविधताओं से युक्त देश में इसका महत्व और अधिक बढ़
जाता है। भारतीय संविधान ने अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत नागरिकों को विचार एवं अभिव्यक्ति की
स्वतंत्रता प्रदान की है, जो लोकतंत्र की सुश्ढ़ता, जनभागीदारी और सामाजिक जागरूकता का आधार
है। स्वतंत्रता के पश्चात भारत में इस अधिकार के संरक्षण हेतु संवैधानिक, न्यायिक और संस्थागत
प्रयास किए गए हैं। स्वतंत्र प्रेस, सक्रिय न्यायपालिका, साहित्य-कला का विकास तथा डिजिटल
माध्यमों का विस्तार इस दिशा मे ं महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हैं। वहीं दसू री आरे , कानूनी प्रतिबंधो ं का
दुरुपयोग, मीडिया पर दबाव, फेक न्यूज, घृणास्पद भाषण, आत्म-सेसं रशिप और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम
पर अभिव्यक्ति पर नियंत्रण जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। यह लेख आजाद भारत में अभिव्यक्ति की
स्वतंत्रता की अवधारणा, संवैधानिक आधार, प्रमुख उपलब्धियों और समकालीन चुनौतियों का विश्लेषण
करते हुए लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने के उपायों पर प्रकाश डालता है।
