ग्रामीण युवाओं के शैक्षिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की भूमिकारू शाहजहाँपुर जनपद का एक अध्ययन
Abstract
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (प्दवितउंजपवद ंदक ब्वउउनदपबंजपवद ज्मबीदवसवहल - प्ब्ज्) ने समकालीन समाज में ज्ञान, शिक्षा, संचार एवं सामाजिक सहभागिता के स्वरूप को व्यापक रूप से परिवर्तित किया है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्ब्ज् का विस्तार युवाओं के शैक्षिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए नए अवसरों का सृजन कर रहा है। प्रस्तुत शोध-लेख का उद्देश्य शाहजहाँपुर जनपद के ग्रामीण युवाओं के शैक्षिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका का अध्ययन करना है। अध्ययन के लिए शाहजहाँपुर जनपद के तीन चयनित ग्रामोंकृदेउरिया, बल्लिया तथा हथौड़ा बुजुर्ग से कुल 300 उत्तरदाताओं का चयन किया गया। प्राथमिक आँकड़ों का संकलन संरचित प्रश्नावली एवं साक्षात्कार अनुसूची के माध्यम से किया गया तथा प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण प्रतिशत विधि द्वारा किया गया। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि अधिकांश ग्रामीण युवा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूक हैं तथा शिक्षा, ज्ञानार्जन, संचार एवं सूचना प्राप्ति के लिए इंटरनेट एवं डिजिटल उपकरणों का नियमित उपयोग करते हैं। उत्तरदाताओं के एक बड़े वर्ग ने माना कि डिजिटल तकनीकों ने शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक बनाया है। साथ ही इंटरनेट के माध्यम से उनकी सामाजिक जागरूकता, सूचना तक पहुँच तथा संचार क्षमता में वृद्धि हुई है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा डिजिटल साक्षरता प्ब्ज् के प्रभाव को निर्धारित करने वाले प्रमुख कारक हैं। यद्यपि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल तकनीकों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है, तथापि तकनीकी अवसंरचना की कमी, भाषा संबंधी बाधाएँ एवं डिजिटल असमानता जैसी चुनौतियाँ अभी भी विद्यमान हैं। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी ग्रामीण युवाओं के शैक्षिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। अतः ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अवसंरचना के सुश्ढ़ीकरण, डिजिटल साक्षरता के विस्तार तथा तकनीकी संसाधनों की सुलभता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, जिससे ग्रामीण युवाओं के समग्र विकास को और अधिक गति प्रदान की जा सके।
