21वीं सदी में नई शिक्षा नीति की आवश्यकता

  • रंजू सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, सौभाग्यवती बाई दानी महिला महाविद्यालय, धामपुर, बिजनौर
Keywords: राष्ट्रीय ‛िाक्षा नीति 2020, वै‛वीकरण, समावे‛ाी ‛िाक्षा, डिजिटल परिवर्तन, प्रौद्योगिकी, रोजगार परक,आलोचनात्मक चिंतनए आत्मनिर्भरता।

Abstract

इक्कीसवीं सदीं में विज्ञान प्रौद्योगिकी, वै‛वीकरण तथा डिजिटल परिर्वतन और रोजगार के बदलते स्वरूप ने शिक्षा की प्रकृति और उद्दे‛यों को व्यापक रूप में प्रभावित किया है। ऐसी परिस्थितियों में केवल पुस्तक ज्ञान और परीक्षा केन्द्रित ‛िाक्षा पर्याप्त नहीं रह गई है। प्रस्तुत ॉाोध पत्र में भारत की पूर्व राष्ट्रीय ‛िाक्षा नीति और राष्ट्रीय ‛िाक्षा नीति 2020 की प्रमुख वि‛ोषताओं का तुलनात्मक विवेचन करते हुए 21वीं सदी के आव‛यताओं के सन्दर्भ में नई ‛िाक्षा नीति की आव‛यकता को स्पष्ट किया गया है। यह लेख रेखांकित करता है कि राष्ट्रीय ‛िाक्षा नीति 2020 का उद्दे‛य ‛िाक्षा को अधिक समावे‛ाी, गुणवत्ता पूर्ण और रोजगार परक बनाते हुए विद्यार्थियों में अधिक रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतनए समस्या समाधान तथा आत्मनिर्भरता का विकास करना है

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Published
2026-09-30
How to Cite
सिंहर. (2026). 21वीं सदी में नई शिक्षा नीति की आवश्यकता. Humanities and Development, 21(03), 202-209. Retrieved from https://humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/433