जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय न्याय: भारत में भौगोलिक एवं सामाजिक असमानता का अध्ययन
Abstract
पर्यावरण समस्या 21वीं ॉाताब्दी की सबसे गम्भीर चुनौतियों में से एक है, जो वै‛िवक जगत को चिन्तन हेतु मजबूर कर दिया है। जलवायु परिवर्तन तापमान में वृद्धि, वर्षा के स्वरूप में परिवर्तन, ॉाुद्ध जल संकट, प्राकृतिक आपदा आर्थिक एवं सामाजिक संरचना में परिवर्तन ने जनमानस को प्रभावित किया है। जलवायु के परिवर्तन को हम धरती के दीर्घकालिक मौसम और तापमान की द‛ाा में आने वाले बड़े परिवर्तन के रूप में देखते है। वर्तमान परिवते‛ा में ग्लोबल वार्मिंग के साथ-साथ हमारे द्वारा किये जाने वाले भौतिक संसाधनों के उपयोग के कारण धरती के तापमान में तीव्र गति से हो रही वृद्धि के परिणाम स्वरूप पर्यावरण में भी बदलाव देखा जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि मात्र प्रकृति के विना‛ा को बचाना ही नहीं बल्कि पर्यावरण को मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय का प्रबर्धन भी किया जाना चाहिए।
