वेद, उपनिषद एवं पुराणों में धर्म की अवधारणा: एक अध्ययन
Keywords:
धर्म, वेद, उपनिषद्, पुराण, मनुस्मृति, श्रीमद्भगवद्गीता, सत्य, सदाचार, कर्तव्य, लोकमंगल।
Abstract
भारतीय संस्श्ति एवं दर्शन में “धर्म” की संकल्पना व्यापक एवं बहुआयामी है। धर्म को केवल धार्मिक अनुष्ठान अथवा पूजा-पद्धति तक सीमित न मानकर भारतीय वाङ्मय में इसे व्यक्ति, समाज एवं समस्त सृष्टि के संतुलन और कल्याण से संबंधित जीवन-मूल्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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Published
2026-09-30
How to Cite
त्रिपाठीअ. क., & पाण्डेयर. (2026). वेद, उपनिषद एवं पुराणों में धर्म की अवधारणा: एक अध्ययन. Humanities and Development, 21(03), 359-365. Retrieved from https://humanitiesdevelopment.com/index.php/had/article/view/462
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