ग्रामीण समाजशास्त्र

  • शिप्रा त्रिपाठी असिस्टेंट प्रोफेसर- समाजशास्त्र छांगुर सिंह महाविद्यालय, उमरी, बेगमगंज, गोण्डा

Abstract

समाजशास्त्र एक आधुनिक सामाजिक विज्ञान है। समाजशास्त्र समाज का विज्ञान है तथा समाज सामाजिक सम्बन्धों की व्यवस्था है। अगस्त कॉम्ट ने समाजशास्त्र शब्द का प्रयोग सबसे पहले सन् 1838 में फ्रांस में किया था। इस विषय के विकास के साथ-साथ इसका विशेषीकरण भी हुआ और जिसके परिणाम स्वरूप अनेक विशिष्ट शाखाओं का विकास हुआ। ग्रामीण समाजशास्त्र भी जिनमें से एक है। ‘ग्रामीण समाजशास्त्र” समाजशास्त्र की वह शाखा है जिसमें ग्रामीण समाज, ग्रामीण सामाजिक सम्बन्धों तथा ग्रामीण सामाजिक संस्थाओं का अध्ययन किया जाता है।

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Published
2022-12-08
How to Cite
त्रिपाठीश. (2022). ग्रामीण समाजशास्त्र. Humanities and Development, 17(2), 85-88. https://doi.org/10.61410/had.v17i2.75